भारत का संविधान – नागरिकता [अनुच्छेद 5 से 11]

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संविधान के भाग 2 में नागरिकता का उल्लेख किया गया हैं जिसके लिए संविधान में अनुच्छेद 5 से 11 तक हैं भारत का संविधान – नागरिकता [अनुच्छेद 5 से 11]

नागरिकता क्या हैं ?

किसी भी राज्य में (राज्य अर्थात राष्ट्र) में दो तरह के लोग होते हैं एक नागरिक दूसरे विदेशी, भारत एक स्वतन्त्र सम्प्रभु आधुनिक राज्य हैं नागरिक भारतीय राज्य के पुर्ण सदस्य होते हैं इन नागरिकों की राष्ट्र पर पुर्ण निष्ठा होती हैं तथा इन्हें सभी सिविल और राजनितिक अधिकार प्राप्त होते हैं। वहीं विदेशी अन्य किसी राज्य के नागरिक होते हैं इन्हें सिविल और राजनितिक अधिकार प्राप्त नही होते हैं।
भारत के नागरिक वे माने जाते हैं जिन्हे निम्नलिखित अधिकार प्राप्त होते हैं ये अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिलेंगे।

  1. धर्म,जाति,लिंग, यां जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव के विरूद्व अधिकार (अनुच्छेद 15)
  2. लोक नियोजन के विषय में समता का अधिकार (अनुच्छेद 16)
  3. वाक् एंव अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता,सम्मेलन ,संघ,संचरण,निवास व व्यवसाय की स्वतन्त्रता(अनुच्छेद 19)
  4. संस्कृति एंव शिक्षा संबधी अधिकार(अनुच्छेद 29 व 30)
  5. लोकसभा व राज्य विधानसभा में मतदान की स्वतन्त्रता
  6. संसद व राज्य विधानमण्डल की सदस्यता के लिए चुनाव लड़ने की स्वतन्त्रता
  7. सार्वजनिक पदों की योग्यता रखनें का अधिकार

इन अधिकारों के साथ साथ नागरिकों को कुछ कर्तव्यों का पालन भी करना होगा जैसे राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान तथा देश की रक्षा आदी। इन सभी अधिकारो और कर्तव्यों की चर्चा हम विस्तार से आगे करेंगें भाग 3 और 4 में।
नागरिकता का उल्लेख संविधान में भाग 2 और अनुच्छेद 5 से 11 तक हैं।
हांलांकी इन अनुच्छेदों मे विस्तार से नहीं दिया गया हैं की कौन होगा भारत का नागरिक और कौन नहीं होगा। इसके बारें में ये संसद को अधिकार देता हैं की आप कानून बनायें।इसी के अनुसार संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 को लागु किया। तथा बाद में इसमें 1986,1992,2003 व 2005 में संसोधन किया हैं।
संविधान निर्माण एंव लागु होने के समय 4 श्रेणी के लोग भारत के नागरिक माने गये

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  1. श्रेणी 1 वह व्यक्ति जो भारत का मूल निवासी हो अनुच्छेद 5 की शर्ते पूरा करता हो
  2. श्रेणी 2 वह व्यक्ति जो पाकिस्तान से भारत आया हो और यदि उसके माता पिता या दादा-दादी अविभाजित भारत में पैदा हुए हो और अनुच्छेद 6 की शर्ते पूरा करता हो
  3. श्रेणी 3 कोई व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद भारत से पाकिस्तान चला गया हो लेकिन बाद मे वापस भारत में आकर रहने लगे तो वो व्यक्ति भी भारत का नागरिक बन सकता हैं।और उसे अनुच्छेद 7 की शर्ते पूरी करनी होगी
  4. श्रेणी 4 वो व्यक्ति भी भारत का नागरिक बन सकता हैं जो खुद भारत से बाहर रह रहा हो लेकिन उसके माता पिता या दादा-दादी अविभाजित भारत में पैदा हुए हो। और उसे अनुच्छेद 8 की शर्ते पूरी करनी होगी

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अनुच्छेद 5

1.अनुच्छेद 5 के अनुसार वह व्यक्ति जो भारत का मूल निवासी हो और निचे दी गयी तीन शर्तो में से कोई एक को पूरा करता हो।

  1.  यदि उसका जन्म भारत में हुआ हो
  2.  उसके माता-पिता में से किसी एक का जन्म भारत में हुआ हो,यां
  3. संविधान लागु होने के पांच वर्ष पहले से भारत में रहता हो

अनुच्छेद 6

2. अनुच्छेद 6 के अनुसार वह व्यक्ति जो पाकिस्तान से भारत आया हो और यदि उसके माता पिता या दादा-दादी अविभाजित भारत में पैदा हुए हो और निचे दी हुई दो शर्तो में से कोई एक शर्त पुरा करता हो वो भारत का नागरिक माना जायेगा। आप पढ़ रहे हैं भारत का संविधान – नागरिकता [अनुच्छेद 5 से 11]

  1.  वो व्यक्ति 19 जुलाई 1948 से पूर्व भारत में आया हो, और आने के बाद से लगातार भारत में ही रह रहा हो
  2. और अगर वो 19 जुलाई 1948 के बाद भारत में आया हो तो वो भी भारत का नागरिक बन सकता हैं लेकिन उस व्यक्ति को नागरिक बनने के लिए 6 माह तक भारत में निवास करना आवश्यक हैं

अनुच्छेद 7

3. अनुच्छेद 7 के अनुसार तीसरी शर्त यह हैं कि कोई व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद भारत से पाकिस्तान चला गया हो लेकिन बाद मे वापस भारत में आकर रहने लगे तो वो व्यक्ति भी भारत का नागरिक बन सकता हैं।लेकिन प्रार्थना पत्र देने के बाद उस व्यक्ति को छह माह तक भारत में रहना होगा।

अनुच्छेद 8

4. अनुच्छेद 8 के अनुसार वो व्यक्ति भी भारत का नागरिक बन सकता हैं जो खुद भारत से बाहर रह रहा हो लेकिन उसके माता पिता या दादा-दादी अविभाजित भारत में पैदा हुए हो। आप पढ़ रहे हैं भारत का संविधान – नागरिकता [अनुच्छेद 5 से 11]

नागरिकता संबधित अधिकार तो दे दिए लेकिन कुछ नागरिकता समाप्ति के उपबंध भी है जो अनुच्छेद 9,10,11 में हैं

अनुच्छेद 9 

1. अनुच्छेद 9 के अनुसार वह व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं होगा जो अपनी इच्छा से किसी दुसरे देश की नागरिकता ग्रहण करले।

अनुच्छेद 10

2. अनुच्छेद 10 के अनुसार संसद चाहे तो किसी भारत के नागरिक की नागरिकता समाप्त कर सकती हैं।

अनुच्छेद 11

3. अनुच्छेद 11 के अनुसार संसद को यह अधिकार हैं की नागरिकता से सम्बन्धित वो कानून बना सकती हैं।
चुकीं संसद को यह अधिकार हैं की वो नागरिकता से सम्बन्धित कानून बनाये इसलिए संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 बनाया। आप पढ़ रहे हैं भारत का संविधान – नागरिकता [अनुच्छेद 5 से 11]

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Indian Polity Notes
संघ एवं इसका क्षेत्र (Union and Territory)

Author: RPSC GURU

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